Loading...

Freezing point depression and boiling point elevation | हिमांक में अवनमन एवं क्वथनांक में उन्नयन

July 16, 2026 |

रसायन विज्ञान (Chemistry) में विलयनों (Solutions) के अणु संख्यक गुणधर्म (Colligative properties) अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जब किसी शुद्ध वाष्पशील विलायक (Volatile solvent) में एक अवाष्पशील विलेय (Non-volatile solute) मिलाया जाता है, तो विलयन का वाष्पदाब शुद्ध विलायक की तुलना में कम हो जाता है। वाष्पदाब में इस कमी के परिणामस्वरूप दो प्रमुख घटनाएँ होती हैं: विलायक के क्वथनांक में वृद्धि (Elevation in Boiling Point) और हिमांक में कमी (Depression in Freezing Point)。

इस लेख में, हम इन दोनों अणु संख्यक गुणधर्मों, उनसे संबंधित स्थिरांकों की ऊष्मागतिक (Thermodynamic) परिभाषाओं, आण्विक द्रव्यमान निर्धारण की गणितीय व्युत्पत्ति और व्यापम स्तर के जटिल आंकिक प्रश्नों (Numericals) का गहन अध्ययन करेंगे।

1. क्वथनांक में उन्नयन (\( \Delta T_b \)) और हिमांक में अवनमन (\( \Delta T_f \))

(A) क्वथनांक में उन्नयन (Elevation in Boiling Point)

किसी द्रव का क्वथनांक वह तापमान है जिस पर उसका वाष्पदाब वायुमंडलीय दाब के बराबर हो जाता है। चूँकि अवाष्पशील विलेय मिलाने से विलयन का वाष्पदाब कम हो जाता है, इसलिए विलयन को उबलने के लिए अधिक उच्च तापमान तक गर्म करना पड़ता है। इसे क्वथनांक में उन्नयन (\( \Delta T_b \)) कहते हैं。

(B) हिमांक में अवनमन (Depression in Freezing Point)

हिमांक वह तापमान है जिस पर किसी पदार्थ की ठोस और द्रव अवस्थाओं का वाष्पदाब समान होता है। अवाष्पशील विलेय मिलाने से विलयन का वाष्पदाब शुद्ध विलायक के वाष्पदाब से कम हो जाता है, जिसके कारण विलयन, शुद्ध विलायक की तुलना में कम तापमान पर जमता है। इसे हिमांक में अवनमन (\( \Delta T_f \)) कहते हैं。

2. मोलल उन्नयन और अवनमन स्थिरांक की ऊष्मागतिक परिभाषा (Thermodynamic Definitions of \( K_b \) and \( K_f \))

तनु विलयनों के लिए क्वथनांक में उन्नयन और हिमांक में अवनमन, विलयन की मोललता (\( m \)) के सीधे समानुपाती होते हैं:

  • $$ \Delta T_b \propto m \implies \Delta T_b = K_b \times m $$
  • $$ \Delta T_f \propto m \implies \Delta T_f = K_f \times m $$

(i) मोलल उन्नयन स्थिरांक (\( K_b \) - Ebullioscopic Constant)

सामान्य परिभाषा: 1 किलोग्राम (1000 ग्राम) विलायक में किसी अवाष्पशील विलेय का 1 मोल घोलने पर विलायक के क्वथनांक में जो वृद्धि होती है, उसे मोलल उन्नयन स्थिरांक कहते हैं。

ऊष्मागतिक परिभाषा (Thermodynamic Definition): क्लैपेरॉन-क्लॉसियस (Clapeyron-Clausius) समीकरण के अनुप्रयोग द्वारा \( K_b \) को ऊष्मागतिक रूप से इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है:

$$ K_b = \frac{R \cdot T_b^2}{1000 \cdot l_v} $$

जहाँ:

  • \( R \) = गैस नियतांक (Gas constant)
  • \( T_b \) = शुद्ध विलायक का क्वथनांक (केल्विन में)
  • \( l_v \) = विलायक की वाष्पन की गुप्त ऊष्मा प्रति ग्राम (Latent heat of vaporization per gram)

(ii) मोलल अवनमन स्थिरांक (\( K_f \) - Cryoscopic Constant)

सामान्य परिभाषा: 1 किलोग्राम (1000 ग्राम) विलायक में किसी अवाष्पशील विलेय का 1 मोल घोलने पर विलायक के हिमांक में होने वाली कमी मोलल अवनमन स्थिरांक कहलाती है。

ऊष्मागतिक परिभाषा: क्लैपेरॉन-क्लॉसियस समीकरण के आधार पर \( K_f \) का ऊष्मागतिक सूत्र निम्नलिखित है:

$$ K_f = \frac{R \cdot T_f^2}{1000 \cdot l_f} $$

जहाँ:

  • \( T_f \) = शुद्ध विलायक का हिमांक (केल्विन में)
  • \( l_f \) = विलायक के गलन की गुप्त ऊष्मा प्रति ग्राम (Latent heat of fusion per gram)

3. अज्ञात अवाष्पशील विलेय के आण्विक द्रव्यमान का निर्धारण (Determination of Molecular Mass)

हम जानते हैं कि अणु संख्यक गुणधर्म विलयन की मोललता (\( m \)) पर निर्भर करते हैं। मोललता का सूत्र है:

$$ m = \frac{\text{विलेय के मोल}}{\text{विलायक का द्रव्यमान (kg में)}} = \frac{\frac{w}{M}}{\frac{W}{1000}} = \frac{w \times 1000}{M \times W} $$

जहाँ:

  • \( w \) = विलेय का द्रव्यमान (Mass of solute in grams)
  • \( M \) = विलेय का मोलर द्रव्यमान (Molar mass of solute)
  • \( W \) = विलायक का द्रव्यमान (Mass of solvent in grams)

क्वथनांक में उन्नयन (\( \Delta T_b \)) के आधार पर:

चूँकि \( \Delta T_b = K_b \times m \), इसमें \( m \) का मान रखने पर:

$$ \Delta T_b = \frac{K_b \times w \times 1000}{M \times W} $$ $$ M = \frac{1000 \times K_b \times w}{\Delta T_b \times W} $$

हिमांक में अवनमन (\( \Delta T_f \)) के आधार पर:

चूँकि \( \Delta T_f = K_f \times m \), इसमें भी \( m \) का मान रखने पर:

$$ \Delta T_f = \frac{K_f \times w \times 1000}{M \times W} $$ $$ M = \frac{1000 \times K_f \times w}{\Delta T_f \times W} $$

इन समीकरणों की सहायता से किसी भी अज्ञात अवाष्पशील विलेय का आण्विक द्रव्यमान (\( M \)) सटीकता से ज्ञात किया जा सकता है。

4. व्यापम स्तर के जटिल आंकिक प्रश्न (Solved Complex Numericals)

प्रश्न 1: 1.250 ग्राम नेफ्थलीन को 60 cm\(^3\) बेंजीन (घनत्व = 0.880 g cm\(^{-3}\)) में घोला गया। यदि विलयन का हिमांक 277.515 K पाया गया और शुद्ध बेंजीन का हिमांक 278.495 K है, तो नेफ्थलीन के आण्विक द्रव्यमान की गणना करें। (बेंजीन के लिए \( K_f = 5.1 \text{ K kg mol}^{-1} \))

विस्तृत हल:

  1. विलायक (बेंजीन) का द्रव्यमान (\( W \)) = आयतन \( \times \) घनत्व = \( 60 \times 0.880 = 52.8 \text{ g} \)
  2. विलेय (नेफ्थलीन) का द्रव्यमान (\( w \)) = 1.250 g
  3. हिमांक में अवनमन (\( \Delta T_f \)) = शुद्ध विलायक का हिमांक - विलयन का हिमांक
    \( \Delta T_f = 278.495 - 277.515 = 0.980 \text{ K} \)
  4. \( K_f \) = 5.1 K kg mol\(^{-1}\)

सूत्र का प्रयोग करने पर:

$$ M = \frac{1000 \times K_f \times w}{\Delta T_f \times W} $$ $$ M = \frac{1000 \times 5.1 \times 1.250}{0.980 \times 52.8} $$ $$ M = \frac{6375}{51.744} \approx 123.2 $$
उत्तर: नेफ्थलीन का आण्विक द्रव्यमान लगभग 123 g/mol हैอ।

प्रश्न 2: 0.1 kg जल में 1.5 ग्राम बेरियम नाइट्रेट, \( Ba(NO_3)_2 \), युक्त विलयन 272.720 K पर जमता है। लवण के वियोजन की आभासी मात्रा (Apparent degree of dissociation, \( \alpha \)) की गणना करें। (जल के लिए \( K_f = 1.86 \), \( Ba(NO_3)_2 \) का आण्विक द्रव्यमान = 261 g/mol, शुद्ध जल का हिमांक = 273 K)

विस्तृत हल:

  1. सबसे पहले सैद्धांतिक हिमांक अवनमन (\( (\Delta T_f)_{calculated} \)) की गणना (बिना आयनन माने) करते हैं:
  2. $$ (\Delta T_f)_{calculated} = \frac{1000 \times K_f \times w}{M \times W} $$ $$ (\Delta T_f)_{calculated} = \frac{1000 \times 1.86 \times 1.5}{261 \times 100} = 0.1068^\circ \text{C} $$
  3. प्रेक्षित हिमांक अवनमन (\( (\Delta T_f)_{observed} \)):
    \( 273.000 - 272.720 = 0.280^\circ \text{C} \)
  4. वांट हॉफ गुणांक (\( i \)) की गणना:
    \( i = \frac{(\Delta T_f)_{observed}}{(\Delta T_f)_{calculated}} = \frac{0.280}{0.1068} = 2.62 \)
  5. वियोजन की मात्रा (\( \alpha \)):
    \( Ba(NO_3)_2 \rightarrow Ba^{2+} + 2NO_3^- \) (कुल आयन \( n = 3 \))
  6. $$ \alpha = \frac{i - 1}{n - 1} = \frac{2.62 - 1}{3 - 1} = \frac{1.62}{2} = 0.81 $$
उत्तर: बेरियम नाइट्रेट के वियोजन की मात्रा 0.81 या 81% हैอ।

प्रश्न 3: फिनोल (\( C_6H_5OH \)) जल में संगुणित (Associate) होकर द्वितय (Double molecules) बनाता है। जब 35.5 ग्राम जल में 0.6677 ग्राम फिनोल घोला जाता है, तो हिमांक 0.215°C कम हो जाता है। फिनोल का वांट हॉफ गुणांक और संगुणन की मात्रा (Degree of association) ज्ञात करें। (जल के लिए \( K_f = 1.85^\circ \text{C mol}^{-1} \))

विस्तृत हल:

  1. फिनोल का सामान्य (सैद्धांतिक) आण्विक द्रव्यमान (\( C_6H_5OH \)) = 94 g/mol
  2. प्रेक्षित (Observed) आण्विक द्रव्यमान की गणना:
  3. $$ M_{obs} = \frac{1000 \times K_f \times w}{\Delta T_f \times W} $$ $$ M_{obs} = \frac{1000 \times 1.85 \times 0.6677}{0.215 \times 35.5} = \frac{1235.245}{7.6325} \approx 161.84 \text{ g/mol} $$
  4. वांट हॉफ गुणांक (\( i \)):
  5. $$ i = \frac{\text{सामान्य आण्विक द्रव्यमान}}{\text{प्रेक्षित आण्विक द्रव्यमान}} = \frac{94}{161.84} \approx 0.58 $$
  6. संगुणन की मात्रा (\( \alpha \)):
    चूँकि फिनोल Dimer (द्वितय) बनाता है, अतः \( n = 2 \)।
  7. $$ \alpha = \frac{1 - i}{1 - \frac{1}{n}} = \frac{1 - 0.58}{1 - \frac{1}{2}} = \frac{0.42}{0.50} = 0.84 $$
उत्तर: फिनोल का वांट हॉफ गुणांक 0.58 है और संगुणन की मात्रा 0.84 या 84% हैอ।