रसायन विज्ञान (Chemistry) और भौतिकी (Physics) में गैसों के व्यवहार का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। गैसों के स्थूल गुणों (Macroscopic properties) जैसे दाब, आयतन और तापमान को उनके सूक्ष्म गुणों (Microscopic properties) जैसे अणुओं की गति और द्रव्यमान से जोड़ने के लिए गैसों का अणुगति सिद्धांत (Kinetic Molecular Theory of Gases) प्रस्तुत किया गया। मैक्सवेल (Maxwell) और बोल्ट्ज़मैन (Boltzmann) द्वारा विकसित यह सिद्धांत गैसों के आदर्श व्यवहार की सैद्धांतिक व्याख्या करता है।
इस लेख में हम गैसों के अणुगति सिद्धांत के अभिगृहीत, अणुगति समीकरण की पूर्ण गणितीय व्युत्पत्ति, और संघट्टन मापदंडों (Collision parameters) का गहन अध्ययन करेंगे।
1. गैसों के अणुगति सिद्धांत के अभिगृहीत (Postulates of Kinetic Theory of Gases)
गैसों के अणुगति सिद्धांत की नींव निम्नलिखित मूलभूत अभिगृहीतों (Postulates) पर रखी गई है:
- सूक्ष्म कण (Tiny Particles): प्रत्येक गैस अत्यंत सूक्ष्म, गोलाकार और ठोस कणों से मिलकर बनी है जिन्हें 'अणु' (Molecules) कहते हैं। एक ही गैस के सभी अणु आकार, द्रव्यमान और आकृति में बिल्कुल समान होते हैं।
- नगण्य आयतन (Negligible Volume): गैस के अणुओं का वास्तविक आयतन, गैस द्वारा घेरे गए कुल आयतन (अर्थात बर्तन के आयतन) की तुलना में अत्यंत नगण्य (Negligible) होता है।
- आकर्षण बलों का अभाव (No Intermolecular Forces): सामान्य परिस्थितियों में गैस के अणुओं के मध्य कोई आकर्षण या प्रतिकर्षण बल कार्य नहीं करता है। वे एक-दूसरे से पूर्णतः स्वतंत्र होते हैं।
- सतत यादृच्छिक गति (Continuous Random Motion): गैस के अणु सदैव तीव्र गति से सभी संभव दिशाओं में सीधी रेखाओं में अनियमित (Random) गति करते रहते हैं।
- पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट (Perfectly Elastic Collisions): गति के दौरान अणु आपस में तथा बर्तन की दीवारों से टकराते हैं। ये टक्करें पूर्णतः प्रत्यास्थ (Perfectly Elastic) होती हैं, जिसका अर्थ है कि टक्कर के दौरान अणुओं की कुल गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) और संवेग (Momentum) संरक्षित रहता है।
- दाब की उत्पत्ति (Origin of Pressure): गैस का दाब, गैस के अणुओं द्वारा लगातार बर्तन की दीवारों पर टकराने के कारण उत्पन्न बल के परिणामस्वरूप होता है।
- गतिज ऊर्जा और तापमान (Kinetic Energy and Temperature): गैस के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा गैस के परम ताप (Absolute Temperature, T) के सीधे समानुपाती होती है। अर्थात \( \text{K.E.} \propto T \)।
2. अणुगति समीकरण की गणितीय व्युत्पत्ति (Mathematical Derivation of Kinetic Gas Equation)
हमें सिद्ध करना है: $$ PV = \frac{1}{3}mnc^2 $$
चरण 1: बर्तन और अणुओं की कल्पना
मान लीजिए कि \( l \) लम्बाई का एक घनाकार (Cubical) बर्तन है, जिसमें किसी गैस के \( n \) अणु हैं।
प्रत्येक अणु का द्रव्यमान = \( m \)
बर्तन का कुल आयतन \( (V) \) = \( l^3 \)
माना कि अणुओं का वर्ग माध्य मूल वेग (Root Mean Square Velocity) \( c \) है।
चरण 2: वेग के घटक (Velocity Components)
एक अणु की गति को तीन परस्पर लंबवत अक्षों (X, Y और Z) में विभाजित किया जा सकता है। यदि इन अक्षों पर वेग के घटक क्रमशः \( v_x \), \( v_y \) और \( v_z \) हैं, तो सदिश योग के अनुसार:
$$ c^2 = v_x^2 + v_y^2 + v_z^2 $$
चरण 3: एक दीवार पर टक्कर के कारण संवेग में परिवर्तन (Change in Momentum)
X-अक्ष की दिशा में गति कर रहे एक अणु पर विचार करें जो \( v_x \) वेग से फलक 'A' की ओर जा रहा है।
दीवार से टकराने से पहले अणु का संवेग (Momentum) = \( m v_x \)
चूँकि टक्कर पूर्णतः प्रत्यास्थ है, अणु उसी वेग से विपरीत दिशा में वापस लौटेगा।
टकराने के बाद संवेग = \( -m v_x \)
एक टक्कर में संवेग में कुल परिवर्तन = \( m v_x - (-m v_x) = 2m v_x \)
चरण 4: प्रति सेकंड टक्करों की संख्या और बल
फलक 'A' से टकराने के बाद अणु विपरीत फलक 'B' पर जाता है और फिर वापस 'A' पर आता है। इस प्रकार दो लगातार टक्करों के बीच तय की गई दूरी = \( 2l \)
प्रति सेकंड फलक 'A' पर टक्करों की संख्या = \( \frac{v_x}{2l} \)
प्रति सेकंड संवेग में परिवर्तन (न्यूटन के द्वितीय नियमानुसार यही बल है):
$$ f_x = (2m v_x) \times \left( \frac{v_x}{2l} \right) = \frac{m v_x^2}{l} $$
चरण 5: सभी अणुओं द्वारा लगाया गया कुल बल
यदि गैस में \( n \) अणु हैं जिनके X-अक्ष पर वेग क्रमशः \( v_{x1}, v_{x2}, v_{x3} ... v_{xn} \) हैं, तो X-अक्ष की दिशा में कुल बल:
$$ F_x = \frac{m}{l} (v_{x1}^2 + v_{x2}^2 + v_{x3}^2 + ... + v_{xn}^2) $$
चूँकि गैस के अणु सभी दिशाओं में समान रूप से गति करते हैं, इसलिए:
$$ \sum v_x^2 = \sum v_y^2 = \sum v_z^2 = \frac{1}{3} \sum c^2 $$
अतः कुल बल \( F \) होगा:
$$ F = \frac{1}{3} \frac{m}{l} (c_1^2 + c_2^2 + ... + c_n^2) $$
यहाँ \( (c_1^2 + c_2^2 + ... + c_n^2) = n c^2 \) (जहाँ \( c \) वर्ग माध्य मूल वेग है)।
$$ F = \frac{1}{3} \frac{mnc^2}{l} $$
चरण 6: गैस का दाब (Pressure)
दाब \( (P) \) = बल / क्षेत्रफल
घनाकार बर्तन के किसी भी फलक का क्षेत्रफल \( A = l^2 \)
$$ P = \frac{\frac{1}{3} \frac{mnc^2}{l}}{l^2} = \frac{1}{3} \frac{mnc^2}{l^3} $$
चूँकि बर्तन का आयतन \( V = l^3 \) है, अतः:
$$ P = \frac{1}{3} \frac{mnc^2}{V} $$
$$ PV = \frac{1}{3}mnc^2 $$
यही गैसों का प्रसिद्ध अणुगति समीकरण (Kinetic Gas Equation) है।
3. संघट्टन पैरामीटर (Collision Parameters)
गैसों के अणु निरंतर एक-दूसरे से टकराते रहते हैं। इन टक्करों का अध्ययन तीन मुख्य मापदंडों द्वारा किया जाता है:
(A) संघट्टन व्यास (Collision Diameter - \( \sigma \))
भौतिक अर्थ: जब दो अणु एक-दूसरे से टकराते हैं, तो वे एक न्यूनतम दूरी तक ही एक-दूसरे के करीब आ सकते हैं। टक्कर के समय दो अणुओं के केंद्रों के बीच की इस न्यूनतम दूरी को संघट्टन व्यास (Collision Diameter) कहते हैं। इसे \( \sigma \) (सिग्मा) से प्रदर्शित किया जाता है।
(B) माध्य मुक्त पथ (Mean Free Path - \( \lambda \))
भौतिक अर्थ: गैस का अणु जब गति करता है तो वह अन्य अणुओं से टकराता है। दो लगातार टक्करों के बीच अणु द्वारा तय की गई सीधी दूरी 'मुक्त पथ' कहलाती है। एक अणु द्वारा कई टक्करों के बीच तय की गई सभी दूरियों के औसत को माध्य मुक्त पथ (Mean Free Path) कहते हैं।
सूत्र: मैक्सवेल के अनुसार, माध्य मुक्त पथ का सूत्र है: $$ \lambda = \frac{1}{\sqrt{2} \pi \sigma^2 n^*} $$ जहाँ \( n^* \) प्रति इकाई आयतन में अणुओं की संख्या है। चूँकि आदर्श गैस समीकरण से \( n^* = \frac{P}{kT} \) (जहाँ \( k \) बोल्ट्ज़मैन नियतांक है), अतः: $$ \lambda = \frac{kT}{\sqrt{2} \pi \sigma^2 P} $$
ताप और दाब का प्रभाव:
- तापमान (Temperature) का प्रभाव: उपरोक्त सूत्र से स्पष्ट है कि \( \lambda \propto T \)। अर्थात, नियत दाब पर तापमान बढ़ाने से गैस का आयतन फैलता है, अणुओं के बीच की दूरी बढ़ती है, जिससे माध्य मुक्त पथ बढ़ता है।
- दाब (Pressure) का प्रभाव: \( \lambda \propto \frac{1}{P} \)। नियत ताप पर दाब बढ़ाने से अणु पास-पास आ जाते हैं (घनत्व बढ़ जाता है), जिससे वे जल्दी टकराते हैं और माध्य मुक्त पथ घटता है।
(C) संघट्टन आवृत्ति (Collision Frequency - \( Z \))
भौतिक अर्थ: गैस के प्रति इकाई आयतन (जैसे 1 cm³ या 1 m³) में प्रति सेकंड होने वाली कुल टक्करों की संख्या को संघट्टन आवृत्ति कहते हैं।
सूत्र: समान प्रकार के अणुओं के लिए संघट्टन आवृत्ति (\( Z_{11} \)) का सूत्र है: $$ Z_{11} = \frac{1}{\sqrt{2}} \pi \sigma^2 \bar{c} (n^*)^2 $$ (जहाँ \( \bar{c} \) औसत वेग है)।
ताप और दाब का प्रभाव:
- तापमान का प्रभाव: चूँकि औसत वेग \( \bar{c} \propto \sqrt{T} \), इसलिए तापमान बढ़ाने पर अणुओं की गति तेज होती है। अतः संघट्टन आवृत्ति बढ़ती है (\( Z \propto \sqrt{T} \))।
- दाब का प्रभाव: दाब बढ़ाने पर प्रति इकाई आयतन में अणुओं की संख्या (\( n^* \)) बढ़ जाती है। चूँकि \( Z \propto (n^*)^2 \), इसलिए दाब बढ़ाने पर संघट्टन आवृत्ति बहुत तेजी से बढ़ती है (\( Z \propto P^2 \))।
4. परीक्षा स्तर के जटिल आंकिक प्रश्न (Solved Numericals)
प्रश्न 1: 1000°C पर कार्बन डाइऑक्साइड (\( CO_2 \)) गैस के अणुओं का वर्ग माध्य मूल वेग (RMS velocity) ज्ञात कीजिए। (C=12, O=16, R = 8.314 J/K mol)
विस्तृत हल:
यहाँ दिया गया है:
- तापमान \( T = 1000^\circ\text{C} = 1000 + 273 = 1273 \text{ K} \)
- मोलर द्रव्यमान \( M \) (\( CO_2 \)) = \( 12 + (16 \times 2) = 44 \text{ g/mol} = 44 \times 10^{-3} \text{ kg/mol} \)
- गैस नियतांक \( R = 8.314 \text{ J K}^{-1} \text{mol}^{-1} \)
हम जानते हैं कि वर्ग माध्य मूल वेग (\( u \) या \( c \)) का सूत्र है:
$$ u = \sqrt{\frac{3RT}{M}} $$मान रखने पर:
$$ u = \sqrt{\frac{3 \times 8.314 \times 1273}{44 \times 10^{-3}}} $$ $$ u = \sqrt{\frac{31751.166}{44 \times 10^{-3}}} $$ $$ u = \sqrt{721617.4} $$उत्तर: \( CO_2 \) अणुओं का वर्ग माध्य मूल वेग लगभग 849.48 m/s (या 84948 cm/s) होगा।
प्रश्न 2: STP पर हाइड्रोजन गैस का वर्ग माध्य मूल वेग \( 1.83 \times 10^5 \text{ cm sec}^{-1} \) और इसका माध्य मुक्त पथ (\( \lambda \)) \( 1.78 \times 10^{-5} \text{ cm} \) है। एक हाइड्रोजन अणु प्रति सेकंड कितनी टक्करें (Collision Number) करता है?
विस्तृत हल:
यहाँ दिया गया है:
- RMS वेग \( (\mu) = 1.83 \times 10^5 \text{ cm sec}^{-1} \)
- माध्य मुक्त पथ \( (\lambda) = 1.78 \times 10^{-5} \text{ cm} \)
एक अणु के लिए संघट्टन संख्या (\( Z_1 \)) निकालने के लिए हमें 'औसत वेग' (\( v \)) की आवश्यकता होती है।
औसत वेग और RMS वेग में संबंध:
एक अणु द्वारा प्रति सेकंड की गई टक्करों की संख्या (Collision Number):
$$ Z_1 = \frac{\text{औसत वेग } (v)}{\text{माध्य मुक्त पथ } (\lambda)} $$ $$ Z_1 = \frac{1.685 \times 10^5}{1.78 \times 10^{-5}} $$ $$ Z_1 = 0.946 \times 10^{10} $$उत्तर: एक हाइड्रोजन अणु STP पर प्रति सेकंड लगभग \( 9.46 \times 10^9 \) टक्करें करता है।
प्रश्न 3: 27°C पर मीथेन (\( CH_4 \)) के 8.0 ग्राम में अणुओं की कुल औसत गतिज ऊर्जा (Average Kinetic Energy) जूल (Joules) में ज्ञात कीजिए। (R = 8.314 J K⁻¹ mol⁻¹)
विस्तृत हल:
यहाँ दिया गया है:
- मीथेन का द्रव्यमान \( (w) = 8.0 \text{ g} \)
- मीथेन (\( CH_4 \)) का अणुभार \( (M) = 12 + 4 = 16 \text{ g/mol} \)
- मोलों की संख्या \( (n) = \frac{w}{M} = \frac{8.0}{16} = 0.5 \text{ mole} \)
- तापमान \( T = 27^\circ\text{C} = 27 + 273 = 300 \text{ K} \)
गैसों के अणुगति सिद्धांत के अनुसार, \( n \) मोल गैस की कुल गतिज ऊर्जा का सूत्र है:
$$ E = \frac{3}{2} nRT $$मान रखने पर:
$$ E = \frac{3}{2} \times 0.5 \times 8.314 \times 300 $$ $$ E = 1.5 \times 0.5 \times 8.314 \times 300 $$ $$ E = 0.75 \times 2494.2 $$ $$ E = 1870.65 $$उत्तर: 8.0 ग्राम मीथेन गैस की कुल औसत गतिज ऊर्जा 1870.65 जूल (Joules) होगी।