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Ideal and Non-ideal Solutions | आदर्श व अनादर्श विलयन

July 15, 2026 |

रसायन विज्ञान (Chemistry) में विलयनों (Solutions) का अध्ययन उनके घटकों के बीच लगने वाले अंतर-आण्विक आकर्षण बलों (Intermolecular attractive forces) की प्रकृति पर निर्भर करता है। फ्रांसीसी रसायनज्ञ राउल्ट (Raoult) द्वारा दिए गए नियम के आधार पर, द्रव-द्रव विलयनों को दो मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है: आदर्श विलयन (Ideal Solutions) और अनादर्श विलयन (Non-Ideal Solutions)

इस लेख में हम इन दोनों प्रकार के विलयनों के बीच के ऊष्मागतिक (Thermodynamic) अंतरों, अनादर्श विलयनों के राउल्ट के नियम से विचलनों (Deviations) और वास्तविक रासायनिक उदाहरणों का गहन अध्ययन करेंगे。

1. आदर्श और अनादर्श विलयनों की ऊष्मागतिक अवधारणा (Thermodynamic Concepts)

किसी विलयन की आदर्श या अनादर्श प्रकृति उसमें मौजूद विलेय (Solute - B) और विलायक (Solvent - A) के अणुओं के बीच होने वाली अन्योन्य क्रियाओं (Interactions) द्वारा निर्धारित होती है。

आदर्श विलयन (Ideal Solution)

वह विलयन जो सभी सांद्रताओं और तापों पर राउल्ट के नियम का पूर्णतः पालन करता है, आदर्श विलयन कहलाता है।

  • राउल्ट का नियम: \( P_A = P_A^\circ x_A \) और \( P_B = P_B^\circ x_B \)
  • आण्विक कारण: आदर्श विलयन में A-B अणुओं के बीच का आकर्षण बल, शुद्ध अवस्था के A-A और B-B अणुओं के आकर्षण बल के ठीक बराबर होता हैफ़।
  • ऊष्मागतिक शर्तें:
    • एंथैल्पी परिवर्तन (\( \Delta H_{mix} \)): $$ \Delta H_{mix} = 0 $$ मिश्रण बनने पर न तो ऊष्मा अवशोषित होती है और न ही उत्सर्जित।
    • आयतन परिवर्तन (\( \Delta V_{mix} \)): $$ \Delta V_{mix} = 0 $$ मिश्रण का कुल आयतन दोनों घटकों के आयतनों के योग के ठीक बराबर होता है।
  • उदाहरण: बेंजीन + टोल्यूनि, n-हेक्सेन + n-हेप्टेन।

अनादर्श विलयन (Non-Ideal Solution)

वह विलयन जो राउल्ट के नियम का पालन नहीं करता है, अनादर्श विलयन कहलाता है।

  • राउल्ट का नियम: \( P_A \neq P_A^\circ x_A \) और \( P_B \neq P_B^\circ x_B \)
  • आण्विक कारण: इसमें A-B अणुओं के बीच का आकर्षण बल, A-A और B-B के आकर्षण बल से या तो कमजोर होता है या मजबूत।
  • ऊष्मागतिक शर्तें: \( \Delta H_{mix} \neq 0 \) तथा \( \Delta V_{mix} \neq 0 \)।

2. अनादर्श विलयनों का विचलन (Deviations in Non-Ideal Solutions)

अनादर्श विलयन राउल्ट के नियम के आधार पर दो प्रकार के विचलन प्रदर्शित करते हैं: धनात्मक (Positive) और ऋणात्मक (Negative)。

A. राउल्ट के नियम से धनात्मक विचलन (Positive Deviation)

जब किसी विलयन का कुल वाष्पदाब (Vapour Pressure) राउल्ट के नियम द्वारा अनुमानित वाष्पदाब से अधिक होता है, तो इसे धनात्मक विचलन कहते हैं。

  • गणितीय शर्त: \( P_A > P_A^\circ x_A \) और \( P_B > P_B^\circ x_B \)।
  • ऊष्मागतिक शर्तें:
    • \( \Delta H_{mix} > 0 \) (ऊष्माशोषी / Endothermic): चूँकि पुराने मजबूत बंधों को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा चाहिए और नए बंध कमजोर बनते हैं, इसलिए ऊष्मा अवशोषित होती है।
    • \( \Delta V_{mix} > 0 \) (आयतन प्रसार): कमजोर आकर्षण बल के कारण अणु दूर-दूर हो जाते हैं, जिससे विलयन का आयतन बढ़ जाता है।
  • आण्विक कारण: विलयन में A-B के बीच का आकर्षण बल, शुद्ध A-A और B-B के आकर्षण बल की तुलना में कमजोर (weaker) होता है। आकर्षण कमजोर होने के कारण अणु आसानी से सतह छोड़कर वाष्प में बदल जाते हैं, जिससे कुल वाष्पदाब बढ़ जाता है।
  • ग्राफ की प्रकृति: वाष्पदाब का ग्राफ राउल्ट के नियम की आदर्श सीधी रेखा (Dotted line) के ऊपर की ओर वक्र (Curve) बनाता है। यह ग्राफ ऊपर की ओर 'उभरा' हुआ प्रतीत होता है।
  • वास्तविक उदाहरण: एथेनॉल + जल (Ethanol + Water)
    शुद्ध एथेनॉल में अणुओं के बीच मजबूत हाइड्रोजन बांड होते हैं। जब इसमें जल मिलाया जाता है, तो जल के अणु एथेनॉल के अणुओं के बीच आकर उनके पहले से मौजूद हाइड्रोजन बांड को तोड़ देते हैं। इससे आकर्षण बल कमजोर हो जाता है और वाष्पदाब बढ़ जाता है (यह न्यूनतम क्वथनांक स्थिरक्वाथी / Minimum boiling azeotrope बनाता है)।

B. राउल्ट के नियम से ऋणात्मक विचलन (Negative Deviation)

जब विलयन का कुल वाष्पदाब राउल्ट के नियम द्वारा अनुमानित वाष्पदाब से कम होता है, तो इसे ऋणात्मक विचलन कहते हैं。

  • गणितीय शर्त: \( P_A < P_A^\circ x_A \) और \( P_B < P_B^\circ x_B \)।
  • ऊष्मागतिक शर्तें:
    • \( \Delta H_{mix} < 0 \) (ऊष्माक्षेपी / Exothermic): नए और मजबूत A-B बंध बनने के कारण ऊर्जा मुक्त होती है।
    • \( \Delta V_{mix} < 0 \) (आयतन संकुचन): मजबूत आकर्षण बल के कारण अणु एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं, जिससे कुल आयतन घट जाता है।
  • आण्विक कारण: विलयन में A-B अणुओं के बीच का आकर्षण बल, A-A और B-B अणुओं की तुलना में अधिक मजबूत (stronger) होता है। मजबूत आकर्षण के कारण अणुओं का वाष्प में बदलना कठिन हो जाता है।
  • ग्राफ की प्रकृति: वाष्पदाब का वक्र आदर्श सीधी रेखा के नीचे की ओर बनता है (नीचे की ओर 'झुका' या 'धंसा' हुआ)।
  • वास्तविक उदाहरण: क्लोरोफॉर्म + एसीटोन (Chloroform + Acetone)
    शुद्ध क्लोरोफॉर्म (\( CHCl_3 \)) और एसीटोन (\( CH_3COCH_3 \)) में केवल कमजोर वांडर वाल्स बल होते हैं। परंतु मिश्रित करने पर, क्लोरोफॉर्म का हाइड्रोजन परमाणु एसीटोन के ऑक्सीजन के साथ एक नया और मजबूत हाइड्रोजन बांड बना लेता है। इससे वाष्प में जाने की प्रवृत्ति घट जाती है और वाष्पदाब कम हो जाता है (यह अधिकतम क्वथनांक स्थिरक्वाथी / Maximum boiling azeotrope बनाता है)।

3. तुलनात्मक तालिका (Comparative Table)

गुणधर्म (Property) आदर्श विलयन (Ideal Solution) धनात्मक विचलन (Positive Deviation) ऋणात्मक विचलन (Negative Deviation)
राउल्ट का नियम \( P_{total} = P_A^\circ x_A + P_B^\circ x_B \) \( P_{total} > P_A^\circ x_A + P_B^\circ x_B \) \( P_{total} < P_A^\circ x_A + P_B^\circ x_B \)
एंथैल्पी (\( \Delta H_{mix} \)) \( \Delta H_{mix} = 0 \) \( \Delta H_{mix} > 0 \) (+ve) \( \Delta H_{mix} < 0 \) (-ve)
आयतन (\( \Delta V_{mix} \)) \( \Delta V_{mix} = 0 \) \( \Delta V_{mix} > 0 \) (+ve) \( \Delta V_{mix} < 0 \) (-ve)
आकर्षण बल (A-B) A-A तथा B-B के बराबर A-A तथा B-B से कमजोर A-A तथा B-B से मजबूत

4. परीक्षा स्तर के जटिल आंकिक प्रश्न (Solved Numericals)

प्रश्न 1: (आदर्श विलयन और वाष्प अवस्था का संगठन)
298 K पर शुद्ध द्रव A और B के वाष्पदाब क्रमशः 400 mm Hg और 600 mm Hg हैं। यदि विलयन में A के 2 मोल और B के 3 मोल मिश्रित किए गए हैं (आदर्श व्यवहार मानते हुए), तो विलयन का कुल वाष्पदाब और वाष्प अवस्था (Vapour phase) में द्रव A का मोल प्रभाज (\( y_A \)) ज्ञात कीजिए।

विस्तृत हल:

दिया गया है:

  • शुद्ध A का वाष्पदाब (\( P_A^\circ \)) = 400 mm Hg
  • शुद्ध B का वाष्पदाब (\( P_B^\circ \)) = 600 mm Hg
  • A के मोल (\( n_A \)) = 2, B के मोल (\( n_B \)) = 3

विलयन में मोल प्रभाज (Mole fractions in solution):

$$ x_A = \frac{n_A}{n_A + n_B} = \frac{2}{2 + 3} = 0.4 $$ $$ x_B = \frac{n_B}{n_A + n_B} = \frac{3}{2 + 3} = 0.6 $$

राउल्ट के नियम से आंशिक वाष्पदाब:

$$ P_A = P_A^\circ x_A = 400 \times 0.4 = 160 \text{ mm Hg} $$ $$ P_B = P_B^\circ x_B = 600 \times 0.6 = 360 \text{ mm Hg} $$

कुल वाष्पदाब (\( P_{total} \)):

$$ P_{total} = P_A + P_B = 160 + 360 = 520 \text{ mm Hg} $$

डाल्टन के आंशिक दाब के नियम से वाष्प अवस्था में A का मोल प्रभाज (\( y_A \)):

$$ y_A = \frac{P_A}{P_{total}} = \frac{160}{520} \approx 0.307 $$
उत्तर: कुल वाष्पदाब 520 mm Hg है और वाष्प अवस्था में A का मोल प्रभाज 0.307 है।

प्रश्न 2: (अनादर्श विलयन के विचलन की पहचान)
एक निश्चित ताप पर शुद्ध द्रव X का वाष्पदाब 120 mm Hg और शुद्ध द्रव Y का वाष्पदाब 160 mm Hg है। इन दोनों द्रवों को मिलाकर एक सममोलर (Equimolar) विलयन तैयार किया गया। प्रयोग द्वारा इस विलयन का कुल वाष्पदाब 155 mm Hg पाया गया। गणना द्वारा सिद्ध कीजिए कि यह विलयन राउल्ट के नियम से किस प्रकार का विचलन (धनात्मक या ऋणात्मक) प्रदर्शित करता है और इसके लिए ऊष्मागतिक पैरामीटर (\( \Delta H_{mix} \) व \( \Delta V_{mix} \)) के चिह्न क्या होंगे?

विस्तृत हल:

दिया गया है:

  • \( P_X^\circ \) = 120 mm Hg
  • \( P_Y^\circ \) = 160 mm Hg
  • सममोलर विलयन (Equimolar) का अर्थ है: \( x_X = 0.5 \) और \( x_Y = 0.5 \)
  • प्रायोगिक (Observed) कुल वाष्पदाब (\( P_{obs} \)) = 155 mm Hg

राउल्ट के नियम से आदर्श (Theoretical) वाष्पदाब की गणना:

$$ P_{ideal} = P_X^\circ x_X + P_Y^\circ x_Y $$ $$ P_{ideal} = (120 \times 0.5) + (160 \times 0.5) $$ $$ P_{ideal} = 60 + 80 = 140 \text{ mm Hg} $$

निष्कर्ष (Conclusion):

चूँकि प्रायोगिक वाष्पदाब (155 mm Hg) राउल्ट के नियम से गणना किए गए वाष्पदाब (140 mm Hg) से अधिक है (\( P_{obs} > P_{ideal} \)), अतः यह विलयन धनात्मक विचलन (Positive Deviation) प्रदर्शित करता है。

उत्तर: यह धनात्मक विचलन है। इस विलयन के लिए ऊष्मागतिक पैरामीटर \( \Delta H_{mix} > 0 \) (ऊष्माशोषी) और \( \Delta V_{mix} > 0 \) (आयतन प्रसार) होंगे।