Loading...

Polymers: Synthesis, Structure, & Applications | संश्लेषण, संरचना एवं उपयोग

July 16, 2026 |

रसायन विज्ञान (Chemistry) और औद्योगिक विज्ञान में बहुलक (Polymers) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। "पॉलीमर" शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों 'पॉली' (Poly = अनेक) और 'मर' (mer = भाग या इकाई) से मिलकर बना है। दो या दो से अधिक सरल अणुओं (Monomers) के आपस में जुड़कर एक उच्च अणुभार वाले विशाल अणु (Macromolecule) के निर्माण की प्रक्रिया को बहुलकीकरण (Polymerization) कहा जाता है।

बहुलकीकरण के मुख्य प्रकार (Types of Polymerization)

  • योगात्मक बहुलकीकरण (Addition Polymerization): इसमें एकलक (monomers) आपस में जुड़कर बिना किसी छोटे अणु के निष्कासन के बहुलक बनाते हैं। उदाहरण के लिए, एथिलीन (Ethylene) को ऑक्सीजन की उपस्थिति में 200°C और 1000 वायुमंडलीय दाब पर गर्म करने पर यह पॉलीथीन (Polyethylene) बनाता है,।
  • संघनन बहुलकीकरण (Condensation Polymerization): इसमें दो या दो से अधिक एकलक अणु आपस में जुड़ते हैं और इस प्रक्रिया में जल (H₂O), अमोनिया या HCl जैसे छोटे अणुओं का निष्कासन होता है,। उदाहरण: एथिलीन ग्लाइकॉल और टेरेथैलिक अम्ल के संघनन से डेक्रॉन (Dacron) का निर्माण,।

विशिष्ट बहुलकों का विस्तृत मास्टर टेबल (Master Table of Specific Polymers)

बहुलक का नाम (Polymer) एकलक (Monomers) निर्माण की रासायनिक विधि व संरचनात्मक सूत्र (Chemical Reaction & Structure) गुण (Properties) औद्योगिक उपयोग (Industrial Uses)
1. प्राकृतिक रबर (Natural Rubber) आइसोप्रीन (Isoprene) अर्थात् 2-मेथिल-1,3-ब्यूटाडाईन योगात्मक बहुलकीकरण (Addition Polymerization):
$$ n [CH_2=C(CH_3)-CH=CH_2] $$ $$ \downarrow $$ $$ [-CH_2-C(CH_3)=CH-CH_2-]_n $$ (यह संपक्ष/cis-1,4-पॉलीआइसोप्रीन होता है)
प्रत्यास्थ (Elastic) और जल प्रतिरोधी। प्राकृतिक रूप में यह मुलायम और चिपचिपा होता है (कम तन्यता)। टायर, ट्यूब, मेडिकल दस्ताने, गुब्बारे।
• वल्कनीकृत रबर (Vulcanized Rubber) प्राकृतिक रबर + सल्फर (S) प्राकृतिक रबर को 5% सल्फर के साथ 373-415 K पर गर्म किया जाता है। सल्फर रबर की श्रृंखलाओं के बीच तिर्यक बंध (Cross-links) बना लेता है। वल्कनीकरण से रबर की तन्य क्षमता (tensile strength), कठोरता और ताप सहने की क्षमता बढ़ जाती है। चिपचिपापन खत्म हो जाता है। भारी वाहनों के टायर, कन्वेयर बेल्ट, जूतों के सोल।
• कृत्रिम रबर (नियोप्रीन / Neoprene) क्लोरोप्रीन (Chloroprene) अर्थात् 2-क्लोरो-1,3-ब्यूटाडाईन $$ n [CH_2=C(Cl)-CH=CH_2] \rightarrow $$
$$ [-CH_2-C(Cl)=CH-CH_2-]_n $$
यह वनस्पति और खनिज तेलों के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी है। होज़ पाइप (hoses), गैसकेट, कन्वेयर बेल्ट।
2(a). निम्न घनत्व पॉलिथीन (LDPE) एथीन (Ethene) - \( CH_2=CH_2 \) मुक्त मूलक योगात्मक (Free radical addition):
उच्च दाब (1000-2000 atm), ताप (350-570 K) व पेरोक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में।
$$ n CH_2=CH_2 \rightarrow [-CH_2-CH_2-]_n $$
इसकी संरचना शाखित (Branched) होती है, इसलिए घनत्व कम होता है। यह पारभासी, लचीला और रासायनिक रूप से अक्रिय है। प्लास्टिक की थैलियां (Polythene bags), लचीले पाइप, खिलौने, केबल इंसुलेशन।
2(b). उच्च घनत्व पॉलिथीन (HDPE) एथीन (Ethene) - \( CH_2=CH_2 \) समन्वय बहुलकीकरण (Coordination Poly.):
निम्न दाब (6-7 atm), ताप (333-343 K) पर ज़िग्लर-नाटा उत्प्रेरक \( [TiCl_4 + (C_2H_5)_3Al] \) की उपस्थिति में।
इसकी संरचना रेखीय (Linear) होती है। यह LDPE की तुलना में अधिक कठोर, मजबूत और उच्च घनत्व वाला है। बाल्टी, कूड़ेदान (dustbins), कठोर पाइप, बोतलें।
3. टेफ्लॉन (Teflon / PTFE) टेट्राफ्लोरोएथीन (Tetrafluoroethene) - \( CF_2=CF_2 \) उच्च दाब पर मुक्त मूलक या परसल्फेट उत्प्रेरक द्वारा:
$$ n CF_2=CF_2 \rightarrow [-CF_2-CF_2-]_n $$
अत्यंत कठोर, ऊष्मा के प्रति अत्यधिक स्थायी (Thermostable) और सभी रसायनों (अम्ल/क्षार) के प्रति पूर्णतः अक्रिय। नॉन-स्टिक बर्तनों की कोटिंग, वाल्व सील, गैसकेट, औद्योगिक पाइप।
4. पी.वी.सी. (PVC - Polyvinyl Chloride) विनाइल क्लोराइड (Vinyl Chloride) - \( CH_2=CHCl \) पेरोक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में योगात्मक बहुलकीकरण:
$$ n CH_2=CHCl \rightarrow [-CH_2-CH(Cl)-]_n $$
कठोर (rigid), मजबूत, जलरोधी और विद्युत का उत्तम कुचालक। प्लास्टिसाइज़र मिलाने पर मुलायम हो जाता है। पानी के पाइप (Plumbing), रेनकोट, विनाइल फ्लोरिंग, केबल कवरिंग, ग्रामोफोन रिकॉर्ड।
5. टैरीलीन / डेक्रॉन (Terylene / Dacron) 1. एथिलीन ग्लाइकॉल ( \( HO-CH_2-CH_2-OH \) )
2. टेरेथैलिक अम्ल ( \( HOOC-C_6H_4-COOH \) )
संघनन बहुलकीकरण (Condensation Poly.):
जल (\( H_2O \)) के अणु बाहर निकलते हैं।
$$ \rightarrow [-O-CH_2-CH_2-O-OC-C_6H_4-CO-]_n $$,
यह एक पॉलिएस्टर (Polyester) है। यह क्रीज़ प्रतिरोधी (सिकुड़ता नहीं है), अत्यधिक मजबूत और जल अवशोषित नहीं करता। कपड़ों (टेरीकॉट बनाने में), सुरक्षा बेल्ट, नावों के पाल (sails), टायर कॉर्ड।
6. नाइलॉन-66 (Nylon-66) 1. हेक्सामेथिलीन डाइऐमीन [ \( H_2N-(CH_2)_6-NH_2 \) ]
2. एडिपिक अम्ल [ \( HOOC-(CH_2)_4-COOH \) ]
संघनन बहुलकीकरण: 553 K पर उच्च दाब में:
$$ \rightarrow [-NH-(CH_2)_6-NH-CO-(CH_2)_4-CO-]_n $$
यह एक पॉलियामाइड (Polyamide) है। अणुओं के बीच प्रबल हाइड्रोजन बंध होने के कारण इसकी तन्य शक्ति (Tensile strength) बहुत उच्च होती है। रस्सियां, पैराशूट के कपड़े, टूथब्रश के ब्रिसल्स (Bristles), जुराबें (Socks)।
7. बेकेलाइट (Bakelite) 1. फिनॉल ( \( C_6H_5OH \) )
2. फॉर्मेल्डिहाइड ( \( HCHO \) )
अम्ल या क्षार उत्प्रेरक की उपस्थिति में फिनॉल व HCHO की संघनन अभिक्रिया। पहले 'नोवोलैक (Novolac)' नामक रेखीय बहुलक बनता है, जिसे HCHO के साथ गर्म करने पर बेकेलाइट बनता है,। यह थर्मोसेटिंग (Thermosetting - ऊष्मा दृढ़) बहुलक है। यह अत्यधिक कठोर, खरोंच प्रतिरोधी और ऊष्मा/विद्युत का कुचालक है,। बिजली के स्विच, प्लग, बर्तनों के हत्थे (Handles of utensils), कंघियां (Combs), कंप्यूटर डिस्क।

व्यापम स्तर के 5 कठिन वर्णनात्मक बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1: पॉलिथीन के निर्माण के संदर्भ में निम्न में से कौन सा कथन असत्य है?

  1. HDPE के निर्माण में ज़िग्लर-नाटा उत्प्रेरक (Triethylaluminium + Titanium tetrachloride) का उपयोग होता है।
  2. LDPE मुक्त मूलक क्रियाविधि (Free radical mechanism) द्वारा उच्च दाब पर बनता है और यह अत्यधिक शाखित (highly branched) होता है।
  3. HDPE एक तिर्यक-बंधित (Cross-linked) बहुलक है, जिसके कारण इसका घनत्व अधिक होता है।
  4. LDPE की तुलना में HDPE का गलनांक (Melting point) अधिक होता है।
उत्तर: (C)
व्याख्या: HDPE एक तिर्यक-बंधित (cross-linked) बहुलक नहीं है, बल्कि यह एक रेखीय (Linear) बहुलक है। रेखीय संरचना के कारण इसकी श्रृंखलाएं एक-दूसरे के बेहद करीब (close packing) आ जाती हैं, जिससे इसका घनत्व और गलनांक LDPE (जो कि शाखित होता है) की तुलना में अधिक हो जाता है।

प्रश्न 2: प्राकृतिक रबर और उसके वल्कनीकरण (Vulcanization) की रसायन विज्ञान के संबंध में सही विकल्प चुनें:

  1. प्राकृतिक रबर ट्रांस-1,4-पॉलीआइसोप्रीन (trans-1,4-polyisoprene) है, और वल्कनीकरण में कार्बन-कार्बन एकल बंध टूटते हैं।
  2. प्राकृतिक रबर सिस-1,4-पॉलीआइसोप्रीन (cis-1,4-polyisoprene) है, और वल्कनीकरण के दौरान द्विबंध (double bonds) के समीप स्थित सक्रिय एलिलिक (allylic) स्थितियों पर सल्फर तिर्यक बंध (cross-linkages) बनाता है।
  3. वल्कनीकरण में 50% से अधिक सल्फर मिलाया जाता है ताकि रबर का लचीलापन बढ़ सके।
  4. प्राकृतिक रबर का एकलक नियोप्रीन है।
उत्तर: (B)
व्याख्या: प्राकृतिक रबर 100% cis-1,4-polyisoprene होता है (trans-रूप को गट्टा-पर्चा/Gutta-percha कहते हैं)। वल्कनीकरण में सामान्यतः 3-5% सल्फर का उपयोग होता है जो बहुलक श्रृंखलाओं के बीच द्विबंध वाले कार्बन (या एलिलिक स्थिति) पर सल्फर के तिर्यक बंध (S-S bonds) बनाता है। यह रबर को कठोर बनाता है।

प्रश्न 3: संघनन बहुलकों (Condensation Polymers) के बारे में निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें:

  • 1. नाइलॉन-66 : पॉलियामाइड (Polyamide)
  • 2. टैरीलीन : पॉलिएस्टर (Polyester)
  • 3. बेकेलाइट : योगात्मक बहुलक (Addition polymer)
  • 4. टेफ्लॉन : पॉलिएमाइड (Polyamide)

इनमें से कौन से युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. 1, 2 और 4
  4. केवल 1 और 3
उत्तर: (A)
व्याख्या:
- नाइलॉन-66 में एमाइड बंध (-CO-NH-) होते हैं, अतः यह पॉलियामाइड है (सही)।
- टैरीलीन में एस्टर बंध (-COO-) होते हैं, अतः यह पॉलिएस्टर है (सही)।
- बेकेलाइट एक संघनन बहुलक (Condensation polymer) है, योगात्मक नहीं (गलत)।
- टेफ्लॉन एक योगात्मक बहुलक है (असंतृप्त एकलक \( CF_2=CF_2 \) से बनता है), पॉलियामाइड नहीं (गलत)।

प्रश्न 4: बेकेलाइट (Bakelite) के निर्माण की मध्यवर्ती अवस्था 'नोवोलैक' (Novolac) क्या है?

  1. फिनॉल और फॉर्मेल्डिहाइड का एक तिर्यक-बंधित (Cross-linked) 3D बहुलक।
  2. ऑर्थो और पैरा-हाइड्रॉक्सीमेथिल फिनॉल संघनन से बना एक रेखीय (Linear) बहुलक जिसका उपयोग पेंट्स में होता है।
  3. यह एक थर्मोप्लास्टिक है जो केवल एडिपिक एसिड से बनता है।
  4. यह एक कृत्रिम रबर है।
उत्तर: (B)
व्याख्या: जब फिनॉल और फॉर्मेल्डिहाइड अम्ल या क्षार की उपस्थिति में अभिक्रिया करते हैं, तो शुरुआत में रेखीय श्रृंखला वाला बहुलक बनता है जिसे नोवोलैक (Novolac) कहते हैं। इसका उपयोग पेंट्स में होता है। बाद में इसी नोवोलैक को अधिक फॉर्मेल्डिहाइड के साथ गर्म करने पर क्रॉस-लिंकिंग होती है और तब अघुलनशील व अगलनीय 3D बहुलक बेकेलाइट प्राप्त होता है।

प्रश्न 5: स्तंभ-I (बहुलक) को स्तंभ-II (एकलक/Monomers) के साथ सुमेलित करें:

स्तंभ-I: (P) पी.वी.सी. (PVC) | (Q) नाइलॉन-66 | (R) टैरीलीन (Dacron) | (S) प्राकृतिक रबर
स्तंभ-II: (1) हेक्सामेथिलीन डाइऐमीन + एडिपिक अम्ल | (2) आइसोप्रीन | (3) विनाइल क्लोराइड | (4) एथिलीन ग्लाइकॉल + टेरेथैलिक अम्ल

सही विकल्प चुनें:

  1. P-3, Q-1, R-4, S-2
  2. P-3, Q-4, R-1, S-2
  3. P-4, Q-1, R-3, S-2
  4. P-2, Q-1, R-4, S-3
उत्तर: (A)
व्याख्या:
- पी.वी.सी. का एकलक विनाइल क्लोराइड है (P-3)।
- नाइलॉन-66 के एकलक हेक्सामेथिलीन डाइऐमीन और एडिपिक अम्ल हैं (Q-1)।
- टैरीलीन के एकलक एथिलीन ग्लाइकॉल व टेरेथैलिक अम्ल हैं (R-4)।
- प्राकृतिक रबर का एकलक आइसोप्रीन है (S-2)।